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गुवाहाटी टेस्ट में जयसवाल की चमक और साउथ अफ्रीका का प्रभाव

गुवाहाटी के बरसपारा स्टेडियम में दूसरे टेस्ट मैच में भारतीय टीम ने संघर्ष किया, लेकिन साउथ अफ्रीका ने इस मैच पर अपनी पकड़ मजबूत रखी। साउथ अफ्रीका ने पहले बैटिंग करते हुए एक विशाल स्कोर 489 रनों का खड़ा किया और फिर भारतीय टीम को महज 201 रनों पर ही समेट दिया। इस सब के बीच, यशस्वी जयसवाल भारत के लिए एक चमकते सितारे साबित हुए। उन्होंने मात्र 97 गेंदों में 58 रन की एक मैच्योर पारी खेली।

जयसवाल ने जैसे ही अर्धशतक पूरा किया, वे सचिन तेंदुलकर के बाद दूसरे भारतीय बन गए जिन्होंने 24 साल की उम्र से पहले 20 या उससे अधिक टेस्ट फिफ्टी बनाई हैं। पर जब टीम इंडिया के कप्तान ऋषभ पंत जल्दी आउट हो गए, तो जयसवाल को अकेले संघर्ष करना पड़ा। इसके बावजूद वह टिके रहे और टीम इंडिया के लिए एक उम्मीद की किरण बनकर उभरे।

लेकिन दिन का सबसे बड़ा हीरो मार्को जानसेन था, जिन्होंने न केवल बल्लेबाजी में 93 रनों की तेज पारी खेली, बल्कि गेंदबाजी में 6 विकेट भी लिए। भारतीय सरजमीं पर ऐसा करने वाले वो पहले साउथ अफ्रीकी खिलाड़ी बने। उनकी गेंदबाजी ने भारतीय पारी को तोड़ दिया और मध्यक्रम को पूरी तरह से हिला दिया।

साउथ अफ्रीका की स्थिति को मजबूत बनाने में सेनुरान मुथुसामी ने भी अहम भूमिका निभाई। उन्होंने पहले टेस्ट में चयन न होने के बाद इस मैच में शानदार वापसी की और अपनी पहली टेस्ट शतकीय पारी खेली। उनकी और जानसेन की साझेदारी ने साउथ अफ्रीका को एक अजेय स्थिति में पहुँचा दिया।

भारतीय टीम की ओर से संघर्ष करते हुए कुलदीप यादव ने तीन विकेट लिए, लेकिन टीम फिर भी बड़े अंतर से पीछे रह गई। कुलदीप और ट्रिस्टन स्टब्स के बीच चल रही छोटी चंचल प्रतिद्वंद्विता भी देखने को मिली।

अब प्रश्न यह है कि भारतीय टीम अपनी दूसरी पारी में कैसे प्रतिक्रिया देगी। जयसवाल और उनके साथी क्या वापसी कर पाएंगे या साउथ अफ्रीका यहाँ एक ऐतिहासिक जीत दर्ज करेगा? आगे के दिनों में यह सब तय हो जाएगा। फिलहाल तो बरसपारा स्टेडियम में जयसवाल की चमक के साथ साउथ अफ्रीका के दबदबे का मंजर नजर आ रहा है, जिसे देखने के लिए क्रिकेट प्रेमी उत्सुक हैं।