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जानिए कैसे 14 साल के वैभव सूर्यवंशी ने टी20 में बदला खेल का हाल

भारत A की सेना ने दुबई के रेगिस्तान में फैलते तारे की तरह चमका 14 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी। उनका धमाकेदार 42 गेंदों में 144 रन का तूफान भारत ए को यूएई के खिलाफ 148 रन से शानदार जीत दिलाने में सबसे बड़ी वजह बना। दोहा में हुए एशिया कप राइजिंग स्टार्स मुकाबले में भारत A ने 297 रन बनाए, जो टी20 इतिहास के टॉप स्कोर में से एक है।

वैभव का ये प्रदर्शन उसी अंदाज में था, जैसा बड़े-बड़े सितारों से उम्मीद की जाती है। उन्होंने सिर्फ 32 गेंदों में शतक जड़कर रिषभ पंत के साथ मिलकर भारत के लिए दूसरी सबसे तेज टी20 सेंचुरी का रिकॉर्ड बराबर कर लिया। बल्लेबाजी में उनका जोश देखते ही बनता था। चौके-छक्कों की बारिश करते हुए उन्होंने 15 छक्के और 11 चौके लगाए। खास बात ये रही कि यूएई के लेफ्ट-आर्म स्पिनर हर्षित कौशिक के ओवर में वैभव ने 30 रन बटोरे। बस मानो रेगिस्तान की गर्मी में तहलका मचा दिया हो।

वैभव की पारी उतनी ही ज्यादा जबरदस्त रही जितनी उनकी साझेदारी। नमन धीर के साथ मिलकर उन्होंने महज 10 ओवर में 168 रनों की मजबूत साझेदारी की। इस पारी ने पूरे मैच का पासा ही पलट दिया। रन इस कदर तेज आए कि हर ओवर में 16 से अधिक रन बनते रहे।

वैभव भले आउट हो गए हो लेकिन कप्तान जितेश शर्मा ने बल्ले से कमाल करते हुए टीम की गति नहीं गवांई। शर्मा ने 32 गेंदों में 83 रनों की तूफानी पारी खेली, जिसमें कई चौके और छक्के शामिल थे। खासकर मैच के अंत के ओवरों में, जब उन्होंने मुहम्मद अर्फान के ओवर में 28 रन बटोरे; ये पारी देखना वाकई रोमांचक था। उनकी मदद से भारत A 300 का आंकड़ा पार करने से बस कुछ ही रन दूर रह गया और 297 रन बनाए, जो अब टी20 में संयुक्त रूप से पांचवें सबसे बड़े स्कोर के रूप में दर्ज होगा।

यूएई की टीम ने बीच में शॉएब खान के 63 रन की बदौलत थोड़ी वापसी की कोशिश जरूर की। लेकिन भारत की गेंदबाजी, खासकर लेफ्ट-आर्म तेज गेंदबाज गुर्जपनीत सिंह की 3 विकेट आठ रन के आंकड़े ने विरोधी टीम को काबू में रखा। अंत में यूएई की टीम 149 रन पर सिमट गई।

यह 297 रनों का स्कोर भारत को 2024 में बांग्लादेश के खिलाफ बनाए गए उनके अपने सर्वश्रेष्ठ रिकॉर्ड से बराबरी पर ला खड़ा करता है। साथ ही, यह घोर टक्कर बरौदा ने पिछले साल सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में बनाए गए 349 रनों के बाद दूसरा सबसे बड़ा टी20 स्कोर भी है। 300 से ऊपर के स्कोर टी20 में बेहद खास माने जाते हैं। विश्व स्तर पर सिर्फ जिम्बाब्वे, नेपाल और इंग्लैंड ऐसी टीमों में शामिल हैं जो 300 से ऊपर जा पाई हैं।

इस जीत के मायने सिर्फ मैच जीतने के नहीं हैं। भारत A ने एक बड़ा संदेश दिया है कि अगली पीढ़ी भी मैदान पर कूदने के लिए पूरी तरह तैयार है। वैभव की युवा ऊर्जा और जितेश शर्मा का बढ़ा हुआ अनुभव टीम में बेहतरीन तालमेल दिखाता है।

आगे के मैचों में भारत A इस आत्मविश्वास के साथ खेलता रहेगा। वहीं, यूएई को अपनी गेंदबाजी पक्की करनी होगी, ताकि वे ऐसे विस्फोटक बल्लेबाजी स्क्वाड के सामने टिक सकें।

टी20 में जहां तेज़ रन बनाना मैच का निर्णायक पहलू होता है, वही वैभव सूर्यवंशी की इस पारी को याद किया जाएगा। 14 साल की उम्र में इतने बड़े रिकॉर्ड तोड़ना साबित करता है कि उम्र केवल एक नंबर है, क्रिकेट के जुनून और हुनर के सामने कुछ भी रोक नहीं सकता।

अब सबकी नजरें भारत A की इस युवा टीम पर टकी हैं कि क्या वे इस शानदार फॉर्म को बरकरार रख पाएंगे? और क्या वैभव सूर्यवंशी सच में टी20 क्रिकेट के अगले बड़े स्टार बनने की राह पर हैं?

मेटा डिस्क्रिप्शन: 14 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी की 42 गेंदों में 144 रनों की धमाकेदार पारी के दम पर भारत A ने यूएई को 148 रन से हराया। टी20 में भारत A का ये रिकॉर्ड स्कोर सबको चौंका गया।