एनआईईएलआईटी और श्री खुशाल दास विश्वविद्यालय ने कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए किया समझौता: एआई, साइबर सिक्योरिटी और डेटा साइंस अब राजस्थान तक
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एनआईईएलआईटी और श्री खुशाल दास विश्वविद्यालय ने कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए किया समझौता: एआई, साइबर सिक्योरिटी और डेटा साइंस अब राजस्थान तक

हनुमानगढ़ | 26 मार्च, 2026 – मेइटी के प्रमुख तकनीकी संस्थान के साथ पांच वर्षीय साझेदारी से राजस्थान और आसपास के राज्यों के छात्रों को राष्ट्रीय स्तर की तकनीकी शिक्षा का मिलेगा अवसर

श्री खुशाल दास विश्वविद्यालय (एसकेडी यूनिवर्सिटी), हनुमानगढ़ ने National Institute of Electronics and Information Technology (एनआईईएलआईटी), नई दिल्ली के साथ पांच वर्ष का समझौता ज्ञापन (एमओयू) हस्ताक्षरित किया है। एनआईईएलआईटी, Ministry of Electronics and Information Technology (मेइटी), भारत सरकार के अंतर्गत एक स्वायत्त वैज्ञानिक संस्था है। यह समझौता 20 मार्च, 2026 को नई दिल्ली के द्वारका स्थित एनआईईएलआईटी भवन में संपन्न हुआ। इस पहल के माध्यम से राजस्थान के छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्योरिटी, डेटा साइंस, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), कंप्यूटर साइंस, इंजीनियरिंग और सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी जैसे राष्ट्रीय स्तर के मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रमों तक अपने क्षेत्र में ही पहुंच मिलेगी।

इस समझौते पर एनआईईएलआईटी की ओर से निदेशक (स्कीम/स्किलिंग) एवं मुख्य परीक्षा नियंत्रक डॉ. आलोक त्रिपाठी तथा एसकेडी विश्वविद्यालय की ओर से कुलपति डॉ. रामावतार मीणा ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर एसकेडी विश्वविद्यालय के महानिदेशक श्री गिरीश कुमार सहित दोनों संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

इस साझेदारी के तहत दोनों संस्थान मिलकर राष्ट्रीय कौशल ढांचे और उद्योग मानकों के अनुरूप प्रमाणन पाठ्यक्रम, फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम, कार्यशालाएं, सेमिनार और प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित करेंगे। एनआईईएलआईटी का साइबर फॉरेंसिक्स और साइबर क्राइम से संबंधित विशेष पाठ्यक्रम भी एसकेडी विश्वविद्यालय के छात्रों के लिए शुरू किया जाएगा। विश्वविद्यालय परिसर में अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं से सुसज्जित एक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने की योजना है, जहां छात्रों को सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

इसके अतिरिक्त, यह समझौता संयुक्त अनुसंधान, सह-प्रकाशन, नवाचार पहलों, छात्र इंटर्नशिप, औद्योगिक अनुभव तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सरकारी परियोजनाओं में संयुक्त भागीदारी को भी बढ़ावा देगा। इसके प्रभावी क्रियान्वयन और समय-समय पर समीक्षा के लिए एक संयुक्त समन्वय समिति का गठन किया जाएगा।

कुलपति डॉ. रामावतार मीणा ने इस समझौते को विश्वविद्यालय और उसके छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ बताया। उन्होंने कहा कि इस साझेदारी के माध्यम से एनआईईएलआईटी के राष्ट्रीय स्तर के पाठ्यक्रम और सरकारी समर्थन प्राप्त कार्यक्रम सीधे कैंपस में उपलब्ध होंगे, जिनके तहत जल्द ही नए बैच, फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम और कौशल आधारित पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे।

चेयरपर्सन श्री वरुण यादव ने इसे एसकेडी विश्वविद्यालय के लिए एक निर्णायक क्षण बताया। उन्होंने कहा, “यह साझेदारी इस बात का संकेत है कि एसकेडी विश्वविद्यालय राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान मजबूत करने और वैश्विक मानकों की ओर बढ़ रहा है। हमारे छात्र सर्वश्रेष्ठ के हकदार हैं और हम उन्हें वही उपलब्ध कराएंगे।”

मैनेजिंग डायरेक्टर श्री दिनेश जुनेजा ने इस समझौते के क्षेत्रीय प्रभाव पर प्रकाश डालते हुए कहा, “अब राजस्थान और आसपास के राज्यों के छात्रों को गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा के लिए महानगरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। हम यह अवसर उनके द्वार तक ला रहे हैं।”

राजस्थान, पंजाब और हरियाणा के संगम पर स्थित एसकेडी विश्वविद्यालय देशभर के छात्रों को आकर्षित करता है। राष्ट्रीय स्तर की साझेदारियों और संस्थागत सुधारों के माध्यम से विश्वविद्यालय लगातार यह साबित कर रहा है कि गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। एनआईईएलआईटी के साथ यह समझौता—जो सूचना, इलेक्ट्रॉनिक्स और संचार प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में औपचारिक और गैर-औपचारिक शिक्षा को बढ़ावा देने का दायित्व निभाता है—इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और इससे विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय रैंकिंग जैसे NIRF में स्थिति को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।