हाल ही में अफ्रीका के 2026 FIFA विश्व कप क्वालिफायर्स में एक चौंकाने वाली घटना ने सबका ध्यान खींचा, जहाँ नाइजीरिया के हेड कोच एरिक चेल्ले ने डीआर कॉन्गो पर ‘वूडू’ जादू का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। यह सब कुछ तब हुआ जब पेनल्टी शूटआउट के दौरान डीआर कॉन्गो ने नाइजीरिया को 4-3 से हरा दिया, जिससे नाइजीरिया अंतरमहाद्वीपीय प्ले-ऑफ्स में जगह बनाने से चूक गया।
मैच के अंतिम क्षणों में जब सम्पूर्ण माहौल तनावपूर्ण हो गया था, तब चेल्ले ने डीआर कॉन्गो के कोचिंग स्टाफ के सदस्यों के साथ तीखी बहस की। उनकी इस हरकत का वीडियो जल्दी ही वायरल हो गया, जिसमें वो काफी उत्तेजित दिख रहे थे। चेल्ले का कहना था कि उन्होंने विपक्षी टीम के कोच को ‘वूडू’ जादू करते हुए देखा।
उन्होंने संवाददाताओं से कहा, “पूरी पेनल्टी शूटआउट के दौरान, वो आदमी ‘वूडू’ कर रहा था। हर बार, हर बार, हर बार। इसलिए मैं उसके बाद थोड़ा घबरा गया था।” उन्होंने बताया कि उन्होंने डीआर कॉन्गो के स्टाफ को अपनी दाहिनी बाँह हवा में घुमाते हुए देखा।
डीआर कॉन्गो के अधिकारियों ने इन आरोपों को नकार दिया, उनका कहना था कि ये आरोप निराधार हैं। मैच के दौरान मैदान पर तनाव इतना बढ़ गया था कि डीआर कॉन्गो के कप्तान चांसेल एमबेम्बा पर निर्णायक पेनल्टी लेने के दौरान एक बोतल फेंकी गई।
इस मैच में नाइजीरिया के हारने से उनकी विश्व कप 2026 के लिए क्वालीफाई करने की उम्मीदें धराशायी हो गईं। वहीं, डीआर कॉन्गो ने इस जीत से अपना मनोबल बढ़ाया और आगे उम्मीदें बढ़ाईं।
इस तरह के नाटकीय मैच और घटनाक्रम खेल के मैदान पर किसी भी समय कुछ भी हो सकता है की अपेक्षा करते हैं, और यही फुटबॉल को और भी रोचक बनाता है। आखिरकार, फुटबॉल में भावनाएँ गहरी होती हैं और परिणाम कभी-कभी सिर्फ कुछ ही क्षणों में बदल सकते हैं। ये मैच न केवल पेनल्टी शूटआउट की वजह से याद रखा जाएगा, बल्कि इसमें लगाए गए असामान्य आरोपों की वजह से भी।






